नारी समानता व अधिकारों के पैरोकार – डॉ. भीमराव अंबेडकर
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Abstract
ह शोध-पत्र डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा नारी समानता, सम्मान और अधिकारों के संरक्षण हेतु किए गए उल्लेखनीय योगदान का विश्लेषण करता है। डॉ. अंबेडकर ने भारतीय समाज में व्याप्त लैंगिक असमानता, सामाजिक अन्याय तथा स्त्रियों के दमन को पहचानते हुए महिलाओं के लिए समान अवसर, शिक्षा, संपत्ति के अधिकार और स्वतंत्र वैयक्तिक जीवन के लिए अनेक सुधारवादी पहल की।
उन्होंने हिंदू कोड बिल के माध्यम से महिलाओं को विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, संपत्ति और दत्तक ग्रहण जैसे क्षेत्रों में कानूनी अधिकार प्रदान करने का ऐतिहासिक प्रयास किया। इस बिल ने भारतीय महिलाओं को विधिक सुरक्षा, स्वायत्तता और सम्मानपूर्ण जीवन जीने की दिशा में नई राह दिखाई। डॉ. अंबेडकर के विचार केवल सामाजिक सुधार तक सीमित नहीं थे, बल्कि वे स्त्री-शक्ति, लोकतांत्रिक मूल्यों और समान अधिकारों की व्यापक अवधारणा को भी मजबूत करते हैं।